January-2012
January-2012

⚛ कुमावत प्रगति ट्रस्ट का गठन ⚛

कुछ संवेदनशील समाजसेवी जो की समाज के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एव राजनैतिक विकास के लिए जागरूक थे, उनके दिमाग में एक ऐसे संगठन की स्थापना का विचार आया जो की समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर सके। ऐसे में एक ट्रस्ट के गठन का निर्णय लिया गया। जिसके अधीन सामाजिक विकास की अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जा सके। समाज के वरिष्ठ एव युवा महिला-पुरुष वर्ग के विचार आमंत्रित किये गए। सभी की सकारात्मक सहमति के साथ दिनांक 31 अक्टूबर 2016 को दीपावली के पावन पर्व पर "कुमावत प्रगति ट्रस्ट" का गठन हुआ। इसके संस्थापक ट्रस्टी सर्व श्री सुरेंद्र कुमार वर्मा (नागा), श्री हेमचन्द खड़गटा, श्री सी. एम. कुमावत (बडीवाल), श्री रमेशचन्द कुमावत (गैदर) एव श्री विजयपाल मारवाल थे। ट्रस्ट ने अपने कुछ लक्ष्य निर्धारित किये जिनमें:

1. समाज को नयी दिशा देना।

2. युवा शक्ति एव समाज प्रतिभाओं को आगे लाने एव उनका उन्नयन एव विकास करना।

3. समाज में एकजुटता लाना, विकास हेतु विस्तृत दृष्टिकोण उत्पन्न करना, किसी भी प्रकार की कुरूतियों एव आपसी मतभेद यदि हो तो उनका निवारण करना।

4. सुसंस्कृत, सुदृढ़ और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करना मुख्य है।

संगठन के सुलभ संचालन की दृस्टि से विधि के अनुसार संख्या में ट्रस्टी, व्यवस्थापक मंडल के सदस्यों को मनोनीत किया गया, जिसमे वरिष्ठ व अनुभवी समाजसेवियों के साथ-साथ जुझारू एव कर्मठ युवाओं को संगठित किया गया। अपने प्रथम प्रयोग में ट्रस्ट ने सामाजिक गतिविधियों पर आधारित एक पत्रिका "कुमावत इंडिया" के प्रकाशन का निर्णय लिया जो समाज हित में पहले से चले आ रहे विभिन्न प्रकाशनों के श्रृंखला में एक कड़ी के रूप में जुड़ सके।

☞ "कुमावत इंडिया" पत्रिका

"कुमावत इंडिया" पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन जगतपुरा, जयपुर पर स्थित इस्कॉन मंदिर, "अक्षय पात्र" के पावन परिसर में आदरणीय श्री अनन्तशेष प्रभु व उर्मिला कुमावत, RJS द्वारा समाज के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिनांक 20 अगस्त, 2017 को हुआ। इस समारोह के प्रारम्भ में राष्ट्रीय कवि श्री बनज कुमार 'बनज' ने सरस्वती वंदना व कविता पाठ किया। प्रभु जी श्री अनन्तशेष जी ने सदमार्ग, धर्म, आध्यात्म व सामाजिक उत्तरदायित्वों को समझाया। इस अवसर पर समाजसेवी व भामाशाह श्री भींवाराम एव श्री पन्नालाल (कांट्रेक्टर), श्री नरेंद्र कुमार आर्य (ब्यावर), श्री मनीष कुमावत (अधिवक्ता) व श्री विजयपाल मारवाल ने विचार प्रकट किये। समारोह में मंच का संचालन श्री रमेश कुमावत (गैदर) द्वारा किया गया। उपस्थित समाजबन्धुओ ने पत्रिका के प्रथम अंक में प्रकाशित सामग्री व पत्रिका के पेपर तथा प्रिंटिंग क्वालिटी को सराहा एवं पत्रिका की सफलता की कामना की।

अगस्त, 2017 से पत्रिका का निरंतर प्रकाशन जारी है। पत्रिका ने अक्टूबर-नवंबर 2018 अंक "शिक्षा व राजनीति" विशषांक, अगस्त-सितम्बर 2019 अंक "स्वतंत्रता सेनानी" विशेषांक के रूप में प्रकाशित किये। "कुमावत इंडिया" पत्रिका ने समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को समय समय पर समारोहपूर्वक सम्मानित कर उनका एवं उनसे प्रेरित होने वालो का उत्साहवर्धन किया है।

इस कड़ी में सर्वप्रथम 13 जनवरी, 2018 को जादूगर आँचल कुमावत, जादूगर गुरु कुमावत, श्री पवन कुमार (इंटरनेशनल वेटलिफ्टर), श्री सुरेश कुमार (वेटलिफ्टर), सुश्री प्रियंका कुमावत (बैडमिंटन प्लेयर), सुश्री रेणुका कुमावत (कर्राटे), मास्टर हनी (तीरंदाज़ी) व श्री मनीष कुमावत (वॉलीबॉल प्लेयर) को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही आई.ए.एस. अधिकारी श्री शंकर लाल कुमावत, ज्योतिषाचार्य श्री लोकेश कुमावत एवं आई.पी.एस. अधिकारी श्री हिम्मत अभिलाष टांक को अपने अपने कार्यक्षेत्र में समाज का नाम रोशन करने के लिए सम्मानित किया गया।

"कुमावत इंडिया" की महिला विंग ने भव्य होली समारोह-2019 आयोजित किया। समारोह के आयोजन के लिए श्री अरुण कुसुम्बीवाल ने अपना कूकस, जयपुर स्थित रिसोर्ट "रानी बाग़" निःशुल्क उपलब्ध कराया। समारोह की विशेषता यह थी की महिलाओं द्वारा आयोजित इस समारोह में मंचासीन अतिथिगण भी महिलाएं ही थी। इस अवसर पर समाज की प्रथम सी.ए. बनी महाराष्ट्र की श्रीमती अनुराधा किरोड़ीवाल को सम्मानित किया गया। 4 अक्टूबर 2019 को "शिक्षा व राजनीति" विशेषांक का विमोचन कुमावत स्कूल, सोडाला, जयपुर परिसर में कुमावत समाज महासभा के महामंत्री श्री छोटूराम बडीवाल; उदयपुर के वरिष्ठ समाजसेवी श्री गिरधारी लाल सिंघनवाल; राजकीय महाविद्यालय, थानागाजी से से.नि. प्रिंसिपल श्री अजय वर्मा एवं हेंडीक्राफ्ट व्यवसायी श्री सूरजमल अनावड़िया के कर कमलों से हुआ। इस अवसर पर सेवानिवृत मेजर जनरल श्री जे. के. मारवाल, शिल्प गुरु से सम्मानित श्री बाबूलाल मारोठिया, उदयमान लेखक श्री मुकेश कुमावत (बोराज), जेम्स कार्विंग नेशनल अवार्ड से सम्मानित श्री अमृत सिरोहिया व योग के लिए लिम्का बुक ऑफ़ गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करवा चुके श्री दीपक कुमावत का सम्मान किया गया।

15 मार्च, 2020 को "कुमावत इंडिया" पत्रिका ने "होली मिलन व प्रतिभा सम्मान समारोह", रंगोली गार्डन, सिरसी रोड, जयपुर में आयोजित किया । समारोह में सीकर के श्री शुभकरण किरोड़ीवाल मुख्य अतिथि, अधिवक्ता श्री बैरा समारोह अध्यक्ष थे। समारोह में पदमश्री पदक से सम्मानित दांता के कृषि वैज्ञानिक श्री सुंडाराम वर्मा, पिलानी के वरिष्ठ मूर्तिकार श्री मातूराम कुमावत, अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर श्री पवन कुमावत व बैडमिंटन प्लयेर सुश्री अंशिका कुमावत को विशेष कप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जेम स्टोन कार्विंग आर्टिस्ट श्री पृथ्वीराज कुमावत एवं श्री अमृत सिरोहिया, आर.जे.एस. श्री ईश्वर लाल कुमावत तथा असहाय बच्चों के शिक्षण से जुड़ी श्रीमती विमला कुमावत का सम्मान किया गया।

वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम के लिए सम्पूर्ण देश में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान जहां अनेक पत्र-पत्रिकाओं ने अपने अंक प्रकाशित नहीं किये वही "कुमावत इंडिया" ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सूत्रों से संपर्क बनाये रखा और मार्च, अप्रैल और मई 2020 तीन माह की डिजिटल पत्रिका व्हाट्सएप्प के माध्यम से प्रसारित की तथा मई 2020 में जैसे ही प्रिंटिंग प्रेस प्रारम्भ हुयी मार्च से मई 2020 का संयुक्तांक प्रकाशित कर सभी सदस्यों को प्रेषित किया। पत्रिका के स्थायी स्तम्भ कुमावत गौरव में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित करने वाले समाजजनों का परिचय, कानून की जानकारी, विवाह योग्य युवक-युवतियों का संक्षिप्त परिचय, श्रद्धान्वत में विशिष्ठ कार्य करने वाले दिवंगत समाजजनों का परिचय प्रकाशित किये जाते है। इन सूचनाओं एवं लेखों से समाजजन लाभान्वित एवं प्रेरित हुए है। ट्रस्ट के माध्यम से यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।

प्रकाशन में नवाचार के सुझाव सदैव स्वागत योग्य है। समाज बंधु अपने मौलिक एवं अप्रकाशित विचार, रचनाएँ लेख एवं आर्टिकल्स उपलब्ध करवाकर पत्रिका में योगदान दे सकते है। किसी भी समाज निर्माण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। महिलाएं एक सभ्य एवं सुसंस्कृत समाज की नींव है। अतः महिलाओं से विशेष निवेदन है कि वे अपनी प्रतिभा लेखनी के माध्यम से दे कर समाज की उन्नति में अपना योगदान अवश्य दे।

कुमावत इंडिया पत्रिका के प्रकाशन के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 28 अगस्त 2022 को विशेष विमोचन एव सम्मान समारोह का योजना "श्री कुमावत समाज भवन" मालवीय नगर, जयपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री चेतन कुमावत, जिला अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा, जयपुर शहर, विशिष्ट अतिथि: श्री जोरा राम कुमावत, विधायक सुमेरपुर, श्री युधिष्ठिर कुमावत, राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय कुमावत क्षत्रिय महासभा, श्रीमती मधु कुमावत प्रदेश मंत्री भाजापा, श्री विमल कुमावत, पूर्व उपमहापौर और जयपुर शहर भाजपा उपाध्यक्ष, श्री नवरतन राजोरिया पूर्व विधायक फुलेरा, रामेश्वर बंबोरिया अध्यक्ष सर्व कुमावत क्षत्रिय महासभा, श्री राजेश धुंधारिया पार्षद, श्री राजेश बालोदिया पार्षद, तथा उभरते व्यवसायी श्री मनोज सिंघनवाल थे कार्यक्रम की अध्यक्ष सूरत से पधारे श्री शुभकरण किरोड़ीवाल ने की। इसमे समाज के लोगो को विशेष उपलब्धिया हासिल करने पर सम्मानीत किया गया। इनमे डॉ. नाथूलाल वर्मा कलाकार, श्री बनज कुमार 'बनज' कवि एक गीतकार, श्री हेमंत कुमावत कवि, श्री राजेंद्र खोरानिया, ज्योतिषाचार्य, श्री सुरेंद्र लांबा अधिवक्ता सदस्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी, श्री मोहन बालोदिया गायक, श्रीमती रश्मी बालोदिया गायिका, डॉ ओपी बालोदिया शिशु रोग चिकित्सक, डॉ. पी.एस. कुमावत, डॉ. आकाश मरोडिया, स्वामी सेवा संस्थान, श्री माघव बालोदिया कलाकार, श्रीमती उर्वशी बालोदिया लेखिका, श्री जयकिशन सोकिल समाजसेवी,श्री राधेश्याम घासोलिया समाजसेवी, श्री नरेंद्र आर्य समाजसेवी, श्री रामप्रसाद कुमावत पत्रकारिता, सुश्री चारु कुमावत ग्राफिक डिजाइनर, आशा कुमावत भारोत्तोलक तथा धारा कुमावत संयुक्त सचिव राजस्थान विश्वविद्यालय, छत्रसंघ सम्मिलित है।

☞ "कुमावत इंडिया" पत्रिका का उद्देश्य

यद्धपि आज के परिपेक्ष्य में सोशल मीडिया हर आयु वर्ग के लोगों के मस्तिष्क में अपना साम्राज्य जमाये हुए है किन्तु जीवन प्रगतिशील है, इलेट्रॉनिक गैज़ेट्स नित्य अपना अस्तित्व बदलते रहते है। यदि इतिहास की दृस्टि से स्मृतियों को चिरकालीन और स्थायी रखना है तो उनका प्रकाशन अनिवार्य है। ऐसे ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने में नालंदा का पुस्तकालय, राजस्थान के टोंक में स्थित अरबी- फ़ारसी पुस्तकालय विश्व प्रसिद्ध है। इसी भावना को दृश्टिगत रखते हुए देश-प्रदेश और विदेश स्तर पर समाज की गतिशीलता एकजाही कर प्रकाशित एव प्रसारित करने तथा वर्तमान गतिविधियों को चिरस्मृतियों के रूप में संजोने के उद्देश्य से कुमावत प्रगति ट्रस्ट की एक शाखा "कुमावत इंडिया" पत्रिका के रूप में विकसित की गयी। साहित्य समाज का दर्पण है तथा सामाजिक पत्रिकाओं के माध्यम से समाज की दशा व दिशा में समयानुकूल परिवर्तन कर के समाज को विकासोन्मुख बनाने में मदद मिलती है। यह ट्रस्ट समाज में कार्य कर रहे अन्य किसी भी सामाजिक संस्था, संगठन और ट्रस्ट से प्रतिस्पर्धा और विरोध नहीं रखता है। संभवत किन्ही मुद्दों पर मतभेद अवश्य हो सकते है किन्तु ट्रस्ट समाज हित में सदैव ही समर्पित है। पत्रिका का संपादक मंडल एव संचालन में सहयोग करने वाले समस्त सदस्य कुमावत प्रगति ट्रस्ट के लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति समर्पित भाव रखते है और सामाजिक कुरीतियों का निवारण करते हुए सुसंस्कृत एव संवेदनशील समाज निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। समाज की उदयमान प्रतिभाओं के उन्नयन के लिए उन्हें सहयोग दे कर तराशना होगा। समाज की प्रतिभाएं जिन्हे जिला, राज्य, राष्ट्र एव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का परचम लहराने पर सम्मानित किया गया है अथवा उनके योगदान को सराहा गया है, को समाज के परिज्ञान में लाना होगा, जिससे उन्हें समाज में उचित मान, सम्मान और पहचान मिल सके तथा भावी पीढ़ियों को प्रेरणा मिले। पत्रिका में सामाजिक गतिविधियों के समाचार, प्रेरक कथाएं, कवितायेँ, विषय विशेषज्ञों के विचार, समाज के उत्थान सम्बन्धी सुझाव, सरकारी योजनाओं की जानकारी एव मार्गदर्शन, विवाह योग्य युवक/युवतियों का विवरण, सामाजिक प्रतिभावों की जीवनियां आदि विषय सम्मिलित है। पत्रिका की मूल भावना पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुरूप - प्रेरणास्पद, ज्ञानास्पद, निष्पक्ष, निःस्वार्थ और बेबाक प्रकाशन रखी गयी।